राजभाषा प्रकोष्ठ
आज का विचार
एकता में शक्ति है हीन लोगों की संगति से अपनी भी बुद्धि हीन हो जाती है सत्संगति स्वर्ग में रहने के समान है एकता से कार्य सिद्ध होते हैं